निराला: व्यक्तित्व के कुछ अन्तरंग शब्दचित्र – अजित कुमार

‘वह सहज विलंबित मंथर गति, जिसको निहार गजराज लाज से राह छोड़ दे एक बार…’ रामविलास शर्मा प्रसिद्द हिंदी लेखक अजित कुमार के साथ ये बातचीत मैंने लंदन में वर्षों … Read More

हम सब के थे प्यारे बापू

हम सब के थे प्यारे बापू सारे जग से न्यारे बापू जगमग जगमग तारे बापू भारत के उजियारे बापू लगते तो थे दुबले बापू थे ताकत के पुतले बापू नहीं … Read More